लखनऊ। विभूति खंड स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सीमांत मुख्यालय में शुक्रवार को सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता महानिरीक्षक रतन संजय भा.पु.से. ने की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, प्रोफेशनलिज्म, साइबर सुरक्षा और कल्याणकारी सुविधाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
महानिरीक्षक ने कहा कि बल की वास्तविक शक्ति उसके कर्मियों की निष्ठा, अनुशासन और टीम-भावना में निहित है। बदलते सुरक्षा माहौल के बीच उन्होंने त्वरित निर्णय क्षमता, बेहतर समन्वय और आधुनिक प्रोफेशनलिज्म अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्टाफ वर्क में सटीकता, एसओपी के पालन और नई तकनीक के उपयोग से कार्यप्रणाली को पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाने के निर्देश दिए।

फिटनेस पर विशेष जोर
जवानों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने नियमित पीटी, योग, खेलकूद और समय-समय पर मेडिकल चेक-अप अनिवार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि फिट जवान ही सीमा सुरक्षा का मजबूत आधार होते हैं, इसलिए सभी यूनिटों में प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज नियमित रूप से जारी रहें।
साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील
डिजिटल खतरों को देखते हुए महानिरीक्षक ने मोबाइल और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। उन्होंने संवेदनशील सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने और यूनिट स्तर पर साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
कौशल विकास को बढ़ावा
iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म को एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए उन्होंने सभी कर्मियों से समय पर कोर्स पूरा करने और नेतृत्व, प्रबंधन व तकनीकी दक्षता बढ़ाने की अपील की।

उत्कृष्ट जवानों को सम्मानित किया गया
सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। महानिरीक्षक रतन संजय ने उनकी निष्ठा, साहस और कर्तव्यपरायणता की सराहना की।
परिवारों को बताया संगठन की शक्ति
महानिरीक्षक ने कहा कि जवानों के परिवार संगठन की मजबूती का आधार हैं। इसलिए शिक्षा, स्वास्थ्य और वेलफेयर सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नेतृत्व के हर स्तर पर जवानों की भलाई, सुरक्षा और प्रोफेशनल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।