लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की वरासत दर्ज कराने और धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच और पूछताछ में जमीन हड़पने के लिए रची गई पूरी साजिश का खुलासा हुआ है।
उन्नाव के सहायखेड़ा निवासी शिवकुमार की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की विवेचना में पुलिस को पता चला कि निगोहां क्षेत्र के बिरसिंहपुर स्थित गाटा संख्या-65 की भूमि को लेकर न्यायालय में वाद लंबित था। इसके बावजूद आरोपियों ने तथ्यों को छिपाकर न्यायिक तहसीलदार मोहनलालगंज के समक्ष वाद प्रस्तुत कर 19 अक्टूबर 2023 को एकपक्षीय आदेश प्राप्त कर लिया।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2011 में उक्त भूमि रामकुमार पुत्र दयाराम ने राजाराम पुत्र महावीर के नाम विक्रय की थी। राजाराम अपने पिता महावीर के इकलौते पुत्र थे और वर्ष 2016 में उनकी मृत्यु हो गई थी। राजाराम की मौत के बाद शत्रोहन पुत्र अंगनू के पुत्र दशरथ और अन्य लोगों ने कथित रूप से षड्यंत्र रचकर फर्जी पारिवारिक रजिस्टर तैयार कराया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने वास्तविक तथ्यों को छिपाते हुए पारिवारिक रजिस्टर में शत्रोहन के पिता अंगनू के स्थान पर महावीर का नाम दर्ज करा दिया। इसी कूटरचित दस्तावेज के आधार पर न्यायालय से एकपक्षीय आदेश हासिल किया गया और गाटा संख्या-65 की भूमि आरोपियों व उनके परिजनों के नाम वरासत में दर्ज करा ली गई।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि भूमि पर नाम दर्ज होने के बाद आरोपियों ने अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से जमीन का एग्रीमेंट भी कर दिया था।
विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नेवलखेड़ा निवासी राहुल पुत्र शत्रोहन (24) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को रविवार रात डेहवा इंडेन गैस एजेंसी के पास से पकड़ा गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।