लखनऊ। मुर्गा चोरी के शक में एक मजदूर को दो भाइयों ने इतनी बेरहमी से पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे बेसुध गिर पड़ा। आरोप है कि हमलावर उसे उसी हालत में छोड़कर फरार हो गए। घायल मजदूर पूरी रात वहीं पड़ा रहा और सुबह होश आने पर ग्रामीणों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
करनपुर गांव निवासी रामानंद ने निगोहां पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार रात गांव के ही प्रदीप और उसके भाई दुर्गेश ने उस पर देशी मुर्गा चोरी करने का आरोप लगाया। आरोप लगाते ही दोनों ने उसे पकड़ लिया और लाठी-डंडों से जमकर पिटाई शुरू कर दी। मारपीट के दौरान रामानंद के सिर में गंभीर चोट लग गई और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
पीड़ित के मुताबिक, पिटाई के बाद दोनों आरोपी उसे घायल अवस्था में छोड़कर मौके से भाग निकले। चोट अधिक होने के कारण वह रातभर सड़क किनारे बेसुध पड़ा रहा। शनिवार सुबह होश आने पर आसपास के ग्रामीणों ने उसकी मदद की, जिसके बाद वह किसी तरह निगोहां थाने पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।
मजदूर की हालत देखकर पुलिस ने उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है।
मामले में एसआई अनूप तिवारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है। आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।