लखनऊ। पूर्वांचल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 128-बी के 55.57 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण परियोजना को मंजूरी मिल गई है। नगर विकास व ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के लगातार प्रयासों और प्रभावी पैरवी के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्राप्त हुई है।
परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद मंत्री ए.के. शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रही है और इसके निर्माण से पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलेगी।
मंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि इस परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए लगातार पत्राचार और उच्चस्तरीय स्तर पर प्रयास किए गए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि यह सड़क केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार बनेगी।
फोरलेन बनने के बाद मऊ और बलिया के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। यात्रा समय में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा के स्तर में भी सुधार होगा। परियोजना के तहत कई रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे लोगों को जाम और रेलवे क्रॉसिंग की समस्याओं से राहत मिलेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह परियोजना किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए लाभकारी साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ-बलिया फोरलेन परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वांचल में विकास का नया अध्याय शुरू होगा और यह मार्ग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।