
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव के परिणामों को भाजपा के लिए बड़ा झटका बताया है। शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों और प्रत्याशियों के स्वागत के दौरान उन्होंने कहा कि यह परिणाम सिर्फ शुरुआत है। भाजपा फ्लॉप शो बन गई है। पांच सीटों पर जीत के बावजूद भाजपा करीब 50 जिलों और शहरों में हारी है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया और रातभर धांधली का प्रयास किया। मतगणना के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा छह सीटें छल से जीती है, जबकि समाजवादी पार्टी ने जनता के बल पर जीत हासिल की है। भाजपा के पास धनबल है तो सपा के पास जनबल है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए की ताकत को और मजबूत करेगी। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार सामाजिक न्याय और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। अखिलेश ने गोरखपुर का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गोरखधंधे के कारण वहां सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी जीत नहीं पाए।

कांति सिंह समेत नवनिर्वाचित सदस्यों को दी बधाई
अखिलेश यादव ने लखनऊ स्नातक क्षेत्र से निर्वाचित कांति सिंह, इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र से डॉ. मान सिंह यादव, वाराणसी शिक्षक क्षेत्र से लाल बिहारी यादव, वाराणसी स्नातक क्षेत्र से आशुतोष सिन्हा और आगरा शिक्षक क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आगरा से डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत सपा के लिए गिफ्ट है। वहीं वाराणसी में मतदाताओं ने भाजपा के डबल इंजन को काशी में डुबो दिया।
इस दौरान सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर उनका आभार जताया। अखिलेश ने चुनाव में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं, नेताओं और मतगणना के दौरान पूरी रात संघर्ष करने वालों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सपा के सभी प्रत्याशियों ने संघर्ष कर संदेश दिया है कि लोकतंत्र को खत्म नहीं होने दिया जाएगा और जनता की आवाज को मजबूत किया जाएगा।