किसान आयोग, कर्ज माफी और मुफ्त बिजली की मांग को लेकर शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा

लखनऊ। किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई अब सड़कों पर उतर आई है। गोसाईगंज से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा ने पहले ही दिन अपनी ताकत दिखा दी, जब हजारों किसानों की एकजुट हुंकार से पूरा इलाका गूंज उठा। हाथों में झंडे, बैनर और मांगों से भरी तख्तियों के साथ निकले किसानों ने साफ संदेश दे दिया कि अब किसान अपने अधिकारों के लिए किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। 

भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के बैनर तले रविवार को किसान क्रांति पदयात्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जबकि प्रदेश प्रभारी ऋषि मिश्रा ने यात्रा की अगुवाई की। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही यात्रा शुरू हुई, गोसाईगंज क्षेत्र जय जवान–जय किसान और किसान एकता जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।

“गोसाईगंज से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा में शामिल हजारों किसान”

गोसाईगंज से निकली यह पदयात्रा अमेठी, गंगागंज, बहरौली, हरदोईया बाजार होते हुए नगराम पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए 10 फरवरी को पीजीआई क्षेत्र स्थित वृंदावन योजना मैदान में आयोजित होने वाली विशाल किसान महापंचायत के साथ संपन्न होगी। इस दौरान किसान नेता और कार्यकर्ता लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर रहे हैं।


यात्रा मार्ग पर जगह-जगह ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और किसान समर्थकों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया। किसानों का जोश, अनुशासन और एकजुटता देखकर यह साफ नजर आया कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।

प्रदेश प्रभारी ऋषि मिश्रा ने पदयात्रा के दौरान कहा कि यह आंदोलन केवल मांगों की सूची नहीं, बल्कि किसानों के अस्तित्व और सम्मान की निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने सरकार से किसान आयोग के तत्काल गठन, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी और बिजली को पूरी तरह मुफ्त किए जाने की मांग उठाई।


उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से गरीब और बेसहारा परिवारों को उजाड़ने की कार्रवाई की जा रही है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने निजी स्कूलों में हो रही मनमानी वसूली पर रोक लगाने और सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसान नेता ने निजी अस्पतालों की मनमानी पर नियंत्रण और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की बात कही। इसके साथ ही राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने, पुलिस-प्रशासन को किसानों के प्रति संवेदनशील बनाने, सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने, खाद की समय पर उपलब्धता, माइनरों की सफाई और रिक्त सरकारी पदों पर शीघ्र भर्तियों की मांग भी रखी गई।


पदयात्रा में मंडल महासचिव जगदीश द्विवेदी, मंडल मीडिया प्रभारी मुकेश द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष अनुरेन्द्र कुमार अन्नू, प्रदेश प्रवक्ता अनिल वर्मा, मंडल अध्यक्ष मोनिष खान, पंकज बाजपेई सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और हजारों किसान शामिल रहे।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और आमजन की समस्याओं पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 10 फरवरी को वृंदावन योजना मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में प्रदेशभर से किसानों के जुटने की संभावना जताई जा रही है, जहां आगे की रणनीति तय की जाएगी।