लखनऊ। “कैंसर से लड़ाई मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं”— इसी संदेश के साथ एसजीपीजीआई में गर्भाशय कैंसर जागरूकता कार्यक्रम गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी टीम की ओर से एच.जी. खुराना ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैंसर को मात देकर नई जिंदगी जी रहीं महिलाओं को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से गर्भाशय कैंसर को हराया जा सकता है। इस दौरान 250 से अधिक महिलाओं ने बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
एसजीपीजीआई के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता और गायनेकोलॉजी ऑन्कोलॉजिस्ट प्रो. अंजू रानी ने इन महिलाओं को सम्मानित किया।
इस दौरान कैंसर से जंग जीत चुकी महिलाओं ने बीमारी की पहचान, उपचार और संघर्ष के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और उचित इलाज से इस गंभीर बीमारी को हराया जा सकता है। उनके अनुभव कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।

जागरूकता सत्र के अलावा कार्यक्रम में ओपन हाउस चर्चा, विशेषज्ञ पैनल डिस्कशन, क्विज प्रतियोगिता और पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अंजू रानी, डॉ. इंदुलता, डॉ. सुषमा, डॉ. निधि सिंह और जनरल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
