
लखनऊ। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने ‘रन फॉर यूनिटी’ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
रैली जन भवन के गेट नंबर दो से शुरू होकर डीएसओ चौराहा, हजरतगंज स्थित अटल चौक, लालबाग चौराहा, जय हिंद चौराहा, नूरमंजिल अस्पताल चौराहा, इमाम थॉमसन स्कूल के सामने से होते हुए आईटीएमएस कार्यालय, रॉयल होटल चौराहा और सिसेंडी तिराहा पहुंची। यहां से जन भवन के गेट नंबर आठ से परिसर में प्रवेश कर रैली का समापन हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए।

रैली को रवाना करने से पहले राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल ने देशी रियासतों का एकीकरण कर भारत की राजनीतिक एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया। खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह में किसानों के हितों के लिए उनके संघर्ष और नेतृत्व के कारण उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली।
उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ महज दौड़ नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को मजबूत करने का माध्यम है। प्रत्येक नागरिक को सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
राज्यपाल ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि वीर जवानों के साथ उनके परिवारों के त्याग और समर्पण का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लिए जीने, कार्य करने और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने का भाव प्रत्येक नागरिक में होना चाहिए।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबड़े, राज्यपाल के विधि परामर्शी सुनील कुमार वर्मा, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता समेत जन भवन के अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और विद्यार्थी मौजूद रहे।