पीजीआई से हिमांशु रावत की रिपोर्ट
लखनऊ। नगर निगम ने ग्राम बिरूरा में सरकारी भूमि पर लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे को हटाकर उसे अतिक्रमणमुक्त कर दिया। जेसीबी मशीन की मदद से लगभग 8000 वर्गफुट जमीन पर कब्जा हटाया गया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशन में की गई।
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के निर्देशानुसार सहायक नगर आयुक्त/प्रभारी अधिकारी संपत्ति रामेश्वर प्रसाद और तहसीलदार नगर निगम अरविंद पांडेय की देखरेख में नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार तेजस्वी प्रकाश त्रिपाठी तथा नगर निगम लेखपाल संदीप कुमार की उपस्थिति में जेसीबी मशीन की मदद से अवैध कब्जा हटाया गया। यह कार्रवाई गुरुवार को शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से पूरी हुई।
ग्राम बिरूरा स्थित खसरा संख्या 579 और 602 के तालाब खाते में दर्ज लगभग 8000 वर्गफुट क्षेत्रफल की सरकारी भूमि पर लंबे समय से सड़क निर्माण करके अवैध कब्जा किया गया था। नगर निगम की कार्रवाई के दौरान उक्त सड़क को हटाकर पूरी भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया। इस कदम से न केवल सरकारी संपत्ति सुरक्षित हुई, बल्कि भविष्य में ऐसे अवैध कब्जों पर भी कड़ा संदेश गया।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निगम की सभी शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर उन्हें सुरक्षित किया जा रहा है।
इसी क्रम में ग्राम बिरूरा, सोनई कंजेहरा, हरिकंशगढ़ी और ग्राम सेवई में शासकीय भूमियों की सुरक्षा के लिए सूचना बोर्ड लगाए गए। ग्राम बिरूरा में 04, सोनई कंजेहरा में 04, हरिकंशगढ़ी में 01 और ग्राम सेवई में 06 सूचना बोर्ड स्थापित किए गए। इन बोर्डों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि संबंधित भूमि नगर निगम की संपत्ति है और उसका अवैध कब्जा दंडनीय अपराध है।
नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर कब्जा न करें और यदि कहीं अतिक्रमण की जानकारी हो तो नगर निगम को तुरंत सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।