रिश्वतखोरी पर बड़ा एक्शन, हरदोई के दो अधिशासी अधिकारी निलंबित

सत्येंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय निकाय विभाग ने हरदोई में तैनात दो अधिशासी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

निदेशक स्थानीय निकाय अनुज कुमार झा ने नगर पालिका परिषद शाहाबाद, हरदोई में तैनात अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर को रिश्वत लेने के आरोपों के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं प्रभारी अधिकारी (स्थानीय निकाय) हरदोई तथा नगर पालिका परिषद शाहाबाद के अध्यक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

इसी क्रम में नगर पालिका परिषद बिलग्राम, हरदोई में तैनात अधिशासी अधिकारी नीलाव शल्या को भी निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ एक ठेकेदार से भुगतान के एवज में कथित कमीशन और रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने तथा एफआईआर दर्ज होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी हरदोई और अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

निदेशक स्थानीय निकाय अनुज कुमार झा ने कहा कि स्थानीय निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार अथवा वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद द्वारा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में हरदोई के दोनों मामलों में उपलब्ध तथ्यों और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई है।