पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पर एकजुट हुई कलम, निगोहां प्रेस क्लब की बैठक में उठा सुरक्षा कानून का मुद्दा

लखनऊ। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संगठनात्मक एकता को नई धार देने के उद्देश्य से निगोहां प्रेस क्लब की मासिक बैठक सोमवार को मस्तीपुर स्थित गुरु कृपा रेस्टोरेंट में आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ और युवा पत्रकारों ने मौजूदा दौर में पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया। वक्ताओं ने पत्रकारों पर बढ़ते दबाव, उत्पीड़न, झूठे मुकदमों और फर्जी पत्रकारों की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए प्रदेश में प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की जोरदार मांग उठाई।

बैठक की शुरुआत पत्रकार एकता और संगठन की मजबूती पर चर्चा के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन-प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाता है। जनसमस्याओं को सामने लाने और आम नागरिकों की आवाज को जिम्मेदार मंच तक पहुंचाने का कार्य पत्रकार ही करता है, लेकिन इसके बावजूद कई बार उसे अनावश्यक दबाव, धमकियों और बदनाम करने की कोशिशों का सामना करना पड़ता है।

वरिष्ठ पत्रकार योगेंद्र तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की सबसे बड़ी शक्ति उनकी एकजुटता है। यदि पत्रकार संगठित रहेंगे तो किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना कर सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करने का आह्वान किया।

ललित मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने का माध्यम भी है। उन्होंने युवा पत्रकारों को तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया। वहीं ललित दीक्षित ने कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के इस दौर में पत्रकारों को तकनीकी रूप से सक्षम होना होगा ताकि भ्रामक सूचनाओं के बीच सत्य को समाज तक पहुंचाया जा सके।

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मिश्रा ने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच संवाद की मजबूत कड़ी है। सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर होना चाहिए। अनुराग सिंह ने कहा कि पत्रकारों को हर परिस्थिति में निष्पक्षता बनाए रखते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य करना चाहिए।

जीके न्यूज़ के संपादक नागेश्वर द्विवेदी ने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे तत्व पूरे पत्रकार समाज की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन को वास्तविक और ईमानदार पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

बैठक में मौजूद पत्रकारों ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में कवरेज के दौरान कई बार पत्रकारों को अनावश्यक विवादों और दबाव का सामना करना पड़ता है। समाचार प्रकाशित होने पर कुछ लोग निराधार आरोप लगाकर पत्रकारों की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि प्रदेश सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे, पत्रकारों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की व्यवस्था बनाए। साथ ही फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई।

इसके अलावा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने तथा पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। अंत में उपस्थित पत्रकारों ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा पत्रकार हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया।

ये रहे मौजूद

बैठक में वरिष्ठ पत्रकार रमेश द्विवेदी, मुकेश द्विवेदी, विमल सिंह, नागेश्वर द्विवेदी, योगेंद्र तिवारी, ललित मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, अनुराग सिंह, ललित दीक्षित, शिवा मिश्रा, सनी पांडे, अरुण सिंह, मोइन खान, सौरभ सिंह, सुनील त्रिवेदी, सत्येंद्र मिश्रा, अनुराग तिवारी, धीरज तिवारी, विवेक कुमार, आरपी सिंह रामजी, सूरज तिवारी, शैलेन्द्र शुक्ला, दिलीप मिश्रा, आरिफ खान, आरिफ मंसूरी, प्रशांत त्रिवेदी, मुकेश मिश्रा, ब्रजराज सिंह, अशोक सिंह, प्रमोद सोनी, जय सिंह यादव, उमेश गुप्ता, विनय मिश्रा, राजेश मिश्रा, वेद यादव, श्यामजी, हिमांशु रावत, विमल गुप्ता, मुकुल सिंह, अविनाश पाण्डेय, भाजपा मंडल अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह, विजय चंद्र तिवारी, ओम प्रकाश गौतम, सरोज यादव, सुजीत गुप्ता एवं सुनील पटेल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।