‘जी राम जी’ अधिनियम से मजबूत होगी ग्रामीण भारत की नींव: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘जी राम जी’ अधिनियम से गांवों में रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलेगी। यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

सोमवार को उन्नाव स्थित निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा, वह भी वैधानिक गारंटी के साथ। इससे गांवों से शहरों की ओर होने वाला पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि रोजगार का भुगतान पूरी तरह पारदर्शी और समय पर किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। अधिनियम के क्रियान्वयन और निगरानी की व्यवस्था भी पारदर्शी होगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब ग्रामीणों को रोजगार के लिए अपने गांव छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गांव की गलियों का विकास भी हाईवे की तर्ज पर किया जाएगा। विकास के आधार पर ग्राम पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणी में रखा जाएगा, जिससे हर गांव को बराबर विकास का मौका मिले।

उन्होंने बताया कि गांवों की बेहतर योजना के लिए पीएम गति शक्ति योजना, जीआईएस और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस योजना के तहत जॉब कार्ड तीन साल की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे।

मौर्य ने कहा कि इस अधिनियम से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी। अब स्कूलों में केवल बाउंड्री वॉल ही नहीं, बल्कि किचन शेड, प्रयोगशाला और अन्य जरूरी निर्माण कार्य भी कराए जा सकेंगे। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी जरूरी प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी’ अधिनियम से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। इसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस रीडिंग और जीआईएस आधारित मोबाइल एप जैसी डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल होगा। योजना में किसी भी एनजीओ की भूमिका नहीं होगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत केवल नारा नहीं, बल्कि 2047 तक आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत बनाने का संकल्प है। डबल इंजन सरकार के कारण उत्तर प्रदेश आज विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और ‘जी राम जी’ अधिनियम इस दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।