इंडियाएआई मिशन से उत्तर प्रदेश को तकनीकी बढ़त, एआई को मिलेगा नया आधार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से इंडियाएआई मिशन के तहत एक अहम समझौता किया गया है।

राजधानी लखनऊ में आयोजित एआई एवं स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन के दौरान डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन और उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपी डेस्को) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते पर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव और इंडियाएआई मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह ने हस्ताक्षर किए।

प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षण से युवाओं को नई नौकरियों और नवाचार के अवसर मिलेंगे। सरकार का प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए।

यूपी डेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने बताया कि इंडियाएआई मिशन के तहत प्रदेश में कुल 65 डेटा और एआई लैब स्थापित करने की योजना है। लखनऊ और गोरखपुर में दो लैब पहले से चल रही हैं, जबकि पीलीभीत में एक लैब शुरू हो चुकी है। इसके अलावा 49 लैब को मंजूरी मिल चुकी है और बाकी स्थानों की पहचान की जा रही है।

इन लैब्स में छात्रों को एआई से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां आधुनिक उपकरणों के साथ वास्तविक समस्याओं पर काम करने का मौका मिलेगा, जिससे छात्र उद्योग की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।

इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। यह पहल उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में आगे ले जाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।