गन्ना उत्पादन से लेकर इथेनॉल तक यूपी ने रचा नया कीर्तिमान
किसानों के खातों में पहुंचे ₹3.25 लाख करोड़, नौ साल में 9,220 लाख टन गन्ने की रिकॉर्ड पेराई
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का चीनी उद्योग और गन्ना विकास क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और इथेनॉल निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। राज्य सरकार की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश आज गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
सरकार ने गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने को प्राथमिकता देते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया है। वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है, जबकि प्रदेश की 99 चीनी मिलों ने किसानों का 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
गन्ना विकास विभाग के अनुसार, विगत नौ वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों ने 9,220 लाख टन गन्ने की रिकॉर्ड पेराई कर 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में गन्ने का उत्पादन 1486.57 लाख टन था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2362 लाख टन पहुंच गया। वहीं, औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 82.56 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई है। यानी किसानों को प्रति हेक्टेयर 10.18 मीट्रिक टन अतिरिक्त गन्ने की उपज मिल रही है।
चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण और विस्तार पर भी सरकार ने तेजी से काम किया है। प्रदेश में चार नई चीनी मिलों की स्थापना, सात बंद चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के साथ ही 44 चीनी मिलों की पेराई क्षमता का विस्तार किया गया है। इससे प्रदेश में 1,28,500 टीसीडी की अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन हुआ है।
खांडसारी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था और सरल नीतियां लागू की गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि प्रदेश में 285 नई खांडसारी इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे करीब 41,900 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
प्रदेश में गन्ना उत्पादन, उत्पादकता, चीनी उद्योग के विस्तार और किसानों को समयबद्ध भुगतान की दिशा में हुई इन उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश को देश के चीनी और इथेनॉल उद्योग का एक मजबूत केंद्र बना दिया है।