लखनऊ। फतेहपुर में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार की मौत के मामले में नाराज लेखपालों ने शुक्रवार को मोहनलालगंज तहसील में धरना देकर प्रदर्शन किया। धरने के कारण लेखपाल कार्य से विरत रहे और विभागीय कार्य नहीं किए।मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई समेत पांच सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार रितुराज शुक्ला को सौंपा।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष अमरीश कुमार ने कहा कि फतेहपुर में कार्यरत लेखपाल सुधीर कुमार की शादी 26 नवंबर को थी। वह छुट्टी के लिए अधिकारियों से लगातार निवेदन कर रहे थे, लेकिन तहसील अधिकारियों द्वारा एसआईआर ड्यूटी के नाम पर उन्हें छुट्टी नहीं दी। शादी की व्यस्तता के कारण बीते 22 नवंबर को सुधीर कुमार एसआईआर की बैठक में उपस्थित नहीं हुए। इस कारण डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार सक्सेना द्वारा उन्हें निलंबित करवा दिया गया था।

जिससे परेशान सुधीर कुमार तनाव में चल रहे थे। साथ ही बर्खास्तगी की धमकी सुनकर अधिक तनाव पैदा हो गया। इस पर लेखपाल ने आत्महत्या कर ली।इस मामले में मृतक लेखपाल की बहन द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र देने के 30 घंटे तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इस पर परिजनों से शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। 26 नवंबर को मुकदमा तो दर्ज कराया गया, लेकिन मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना का नाम शामिल न करके केवल राजस्व निरीक्षक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखवा दी गई।
इससे लेखपालों में आक्रोश व्याप्त है।उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र में मांग की है कि मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना का नाम अज्ञात के स्थान पर एफआईआर में नामजद किया जाए। मृतक की माता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही तनाव को देखते हुए एसआईआर की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए।
लेखपालों को सामान्य, उपनिर्वाचन और मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान अपरिभाषित डयूटी (मौखिक /लिखित) के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में एक माह के वेतन के बराबर मानदेय भुगतान किया जाये।