लखनऊ। निगोहा क्षेत्र के मस्तीपुर गांव में आयोजित 72 घंटे का साधना शिविर श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह आध्यात्मिक शिविर परम पूज्य उमाकांत महाराज जी के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लेकर गुरु मंत्र जाप, ध्यान और निरंतर साधना के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया।
शिविर के आयोजक नागेश्वर द्विवेदी ने बताया कि यह 72 घंटे की निरंतर साधना केवल मस्तीपुर गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के विभिन्न आश्रमों के साथ-साथ विदेशों में भी एक ही समय पर साधना का आयोजन किया गया। सभी स्थानों पर साधकों ने एक साथ साधना प्रारंभ की, जिससे आध्यात्मिक एकता और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला।

रविवार को शिविर का समापन सामूहिक पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के चरणों में नमन करते हुए समाज, राष्ट्र और विश्व कल्याण की कामना की।
साधकों ने बताया कि साधना काल के दौरान उन्हें मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई, जिससे उनके जीवन में संयम, अनुशासन और सद्भाव का संचार हुआ। आयोजक नागेश्वर द्विवेदी ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों, भाईचारे और सात्विक जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने बताया कि संगत से जुड़े साधक शाकाहार और सात्विक जीवनशैली को अपनाने का संदेश देश और विदेशों में एक साथ प्रसारित कर रहे हैं, जो वर्तमान समाज के लिए प्रेरणादायक है। शिविर के सफल आयोजन पर साधकों और श्रद्धालुओं ने संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की।