आत्महत्या कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी पत्नी भेजी गई जेल

लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र के अमेठिनपुरवा गांव में युवक की आत्महत्या के चर्चित मामले में आखिरकार पुलिस ने नामजद आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रही थी और लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रही थी। पुलिस अब मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

बताया जा रहा है कि पुलिस की यह कार्रवाई पत्रकारों के बढ़ते दबाव और निगोहां प्रेस क्लब द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद तेज हुई। तीन दिन पहले निगोहां प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और दर्जनों पत्रकारों ने एसीपी मोहनलालगंज को संबोधित ज्ञापन नगराम थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी को सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी। पत्रकारों ने चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिनों के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई तो एसीपी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और शनिवार को मृतक प्रशांत सिंह उर्फ प्रांशू सिंह की पत्नी तथा मुख्य आरोपी ममता सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।

जानकारी के अनुसार नगराम थाना क्षेत्र के अमेठिनपुरवा निवासी वरिष्ठ पत्रकार अशोक सिंह के पुत्र प्रशांत सिंह उर्फ प्रांशू सिंह का विवाह वर्ष 2018 में बलरामपुर जनपद के गैड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के दुधरा गांव निवासी राजकरन सिंह की पुत्री ममता सिंह के साथ हुआ था।

परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद और घरेलू कलह बनी रहती थी। आरोप है कि ममता सिंह आए दिन घर में विवाद करती थी तथा उसकी बहनों द्वारा भी दांपत्य जीवन में हस्तक्षेप कर मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी।

पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार चल रही पारिवारिक कलह और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर प्रशांत सिंह ने बीती दो मई की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

घटना के बाद मृतक के पिता अशोक सिंह ने पुत्रवधू ममता सिंह, उसकी बहन रूबी सिंह, बब्बी सिंह, ससुर राजकरन सिंह और श्याम कुमारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।

थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि घटना के बाद से आरोपी पत्नी ममता सिंह फरार चल रही थी और अदालत से जमानत लेने के प्रयास में लगी हुई थी। शनिवार को पुलिस टीम ने उसके संदिग्ध ठिकाने पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

उधर, निगोहां प्रेस क्लब के गार्जियन नागेश्वर द्विवेदी, योगेंद्र तिवारी और बृजराज सिंह की अगुवाई में पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। पत्रकारों ने कहा था कि यदि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन करेगा।

फिलहाल पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इलाके में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।