
लखनऊ। प्रयागराज और वाराणसी के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात मिली है। शनिवार को प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन से वाराणसी तक मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। वहीं, प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मेमू ट्रेन को रवाना किया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नई मेमू सेवा से छात्रों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि शिक्षा, न्याय और संस्कृति का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। नई रेल सेवा से काशी और संगम नगरी के बीच आवागमन और आसान होगा।
पांच प्रमुख स्टेशनों को मिलेगा लाभ
इस मेमू सेवा से राजातालाब, माधोसिंह, ज्ञानपुर रोड, हंडिया खास और झूसी जैसे स्टेशनों को जोड़ने में मदद मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह बनारस से प्रयागराज आकर शाम को वापस लौटने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोया था। आज आधुनिक रेलवे देश के कोने-कोने को जोड़कर उस एकता को और मजबूत कर रही है।
रेल मंत्री को भेजे 13 सुझाव, कई ट्रेनों के विस्तार की मांग
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 13 सुझाव और अनुरोध भेजे गए।
इनमें प्रयागराज-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने, प्रयागराज-अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन संचालित करने और प्रयागराज से पुणे-मिरज होते हुए गोवा के लिए सीधी ट्रेन शुरू करने की मांग शामिल है। प्रयागराज-दादरी स्पेशल ट्रेन को नियमित करने और प्रयागराज जंक्शन पर 24 ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है।

इसके अलावा पटना-वास्कोडिगामा एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन चलाने और उसमें कोच बढ़ाने, वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का अलीगढ़ में ठहराव देने तथा विभूति एक्सप्रेस को रामबाग के बजाय सूबेदारगंज से चलाने और 24 कोच की करने का सुझाव दिया गया है।
दयालपुर स्टेशन पर सरयू एक्सप्रेस का ठहराव देने और वाराणसी से रांची तथा देवघर जाने वाली दोनों वंदे भारत ट्रेनों का प्रयागराज रामबाग तक विस्तार करने की मांग भी रखी गई है।
सूबेदारगंज का नाम प्रयागराज कैंट करने का प्रस्ताव
उप मुख्यमंत्री ने नैनी-प्रयागराज रेल पुल को दो स्तरीय बनाकर उससे सड़क मार्ग जोड़ने, प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों को उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत लाने और झूसी, करछना व बमरौली स्टेशनों के नाम के आगे प्रयागराज जोड़ने का प्रस्ताव भी दिया है। इसके साथ ही सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर प्रयागराज कैंट करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेल सुविधाओं का विस्तार होने से प्रयागराज के धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, एडीआरएम अजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।