लखनऊ में जनगणना प्रशिक्षण से 811 कर्मचारी गायब, नगर निगम जारी करेगा नोटिस; निलंबन की भी चेतावनी

लखनऊ ।  राजधानी में जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच प्रशिक्षण से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। 31 अक्टूबर को आयोजित प्रशिक्षण में 3,069 कर्मचारियों को शामिल होना था, लेकिन 811 कर्मचारी गैरहाजिर रहे। कुल 2,258 कर्मचारियों ने ही प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। कर्मचारियों की कुल उपस्थिति 73.58 प्रतिशत दर्ज की गई।


नगर निगम के आठ जोन में सुपरवाइजर और प्रगणकों की उपस्थिति की समीक्षा की गई। प्रशिक्षण के लिए 396 सुपरवाइजर और 2,673 प्रगणक निर्धारित किए गए थे। इनमें 318 सुपरवाइजर और 1,940 प्रगणक उपस्थित रहे, जबकि 78 सुपरवाइजर और 733 प्रगणक अनुपस्थित मिले।


माध्यमिक शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा कर्मचारी अनुपस्थित


विभागवार आंकड़ों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के 268 कर्मचारी प्रशिक्षण में नहीं पहुंचे। बेसिक शिक्षा विभाग के 100, स्वास्थ्य विभाग के 54 और सिंचाई विभाग के 50 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। कृषि विभाग के 30, लोक निर्माण विभाग के 29, नगर निगम के 27 और स्मारक समिति के 19 कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले।


इसके अलावा बाल विकास पुष्टाहार विभाग के 10, विद्युत विभाग और आईडीए के नौ-नौ कर्मचारी अनुपस्थित रहे। आरडीएसओ, समाज कल्याण और तकनीकी शिक्षा विभाग के आठ-आठ तथा वन विभाग के सात कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए। अन्य विभागों में भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई।

नोटिस के बाद निलंबन की कार्रवाई संभव

नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर प्रशिक्षण से अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सेवा नियमावली के तहत निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।


वहीं, जनगणना कार्य से लगातार अनुपस्थित रहने, ड्यूटी से बचने या निर्धारित जिम्मेदारी निभाने से इनकार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम की धारा 11 के तहत पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।