लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 4 ठिकानों पर छापेमारी में 6 अवैध SIM Box बरामद

लखनऊ। लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच के ऑपरेशन ‘डिजिटल कवच’ के तहत पुलिस की संयुक्त टीमों ने शहर के चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 6 अवैध SIM Box बरामद किए हैं। इसके साथ ही VPN Gateway, स्मार्ट स्विच, बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं। बरामद SIM Box में कुल 192 SIM स्लॉट हैं। पुलिस अब इन उपकरणों की तकनीकी जांच कर नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस के मुताबिक, अवैध SIM Box के संचालन से जुड़ी तकनीकी सूचना मिलने के बाद एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण किया गया। दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी के आधार पर कई हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और संदिग्ध स्थान चिह्नित किए गए।

इसके बाद 31 अक्टूबर को साइबर थाना और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीमों ने चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें सुशांत गोल्फ सिटी स्थित स्वाति अपार्टमेंट, पारा के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी का गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के आदर्श नगर स्थित जीजे पैराडाइज शामिल हैं।

192 SIM स्लॉट वाले 6 SIM Box बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 6 अवैध 32-पोर्ट SIM Box, 3 VPN Gateway, 21 स्मार्ट स्विच, 3 स्मार्ट हब, 4 इनवर्टर/UPS, 18 बैटरियां और एक लॉक टैबलेट बरामद किया है। इसके अलावा वाई-फाई और नेटवर्क राउटर, कैमरे समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं।

कॉल का असली स्रोत छिपाने में हो सकता है इस्तेमाल

पुलिस के मुताबिक, SIM Box ऐसे उपकरण हैं जिनमें एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इनका दुरुपयोग इंटरनेट आधारित कॉल को मोबाइल सिम के माध्यम से संचालित करने में किया जा सकता है। डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में ठग खुद को पुलिस, CBI या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और फोन पर लगातार दबाव बनाते हैं। SIM Box के जरिए बड़ी संख्या में कॉल संचालित करने और उनके वास्तविक स्रोत को छिपाने की आशंका रहती है।

इस मामले में साइबर थाना लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी बरामद उपकरणों का तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस कॉलिंग पैटर्न, सिम कार्ड और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी नोडल ऑफिसर साइबर क्राइम एवं अपर पुलिस उपायुक्त किरन यादव ने दी।