मोहनलालगंज से आशीष कुमार तिवारी की रिपोर्ट।

मोहनलालगंज । ज्योतिनगर स्थित लेप्रोसी सेंटर में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से एक ऐसी मानवतावादी सेवा जारी है, जो आज भी लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार बीते 35 वर्षों से बिना किसी शुल्क के मरीजों का इलाज करते आ रहे हैं।
सीमित सुविधाओं के बीच भी वे हर सोमवार और शुक्रवार को सेंटर पहुंचकर मरीजों की जांच करते हैं और आवश्यक दवाएं भी मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। शिविर में डॉ. विवेक ने लगभग 40 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं प्रदान कीं।
“ऐसे समर्पित डॉक्टर मिलना मुश्किल”—मरीजों का अनुभव
जांच के दौरान आए लोगों ने बताया कि डॉ. विवेक का व्यवहार और उपचार-पद्धति बेहद सटीक और संतुलित है। उनकी टीम पहले मरीजों की प्राथमिक जांच और आवश्यक विवरण एकत्र करती है, जिसके बाद डॉ. विवेक हर रोगी की स्थिति को खुद समझते हैं।
मरीजों का कहना है कि वह केवल दवा ही नहीं देते, बल्कि रोग की वजह, सावधानियाँ, दवा की सही खुराक और गलत उपचार के खतरे भी विस्तार से बताते हैं।इसी वजह से दूर-दराज के इलाकों से भी लोग उनसे उपचार कराने पहुंचते हैं।
“गलत दवा लेना जोखिम भरा”—डॉ. विवेक की चेतावनी
डॉ. विवेक ने मरीजों से अपील की कि त्वचा रोग सहित किसी भी बीमारी में बिना विशेषज्ञ की सलाह दवा न लें। उन्होंने कहा कि कई बार गलत उपचार बीमारी को बढ़ा सकता है और जटिलता पैदा कर सकता है।उनका कहना है कि सही समय पर सही इलाज मिलने से अधिकांश त्वचा रोग आसानी से नियंत्रित किए जा सकते हैं।
35 सालों की सेवा—हजारों मरीजों के लिए जीवनदान जैसी
लेप्रोसी सेंटर के कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से लगातार चल रही डॉ. विवेक की निःस्वार्थ चिकित्सा सेवा से हजारों मरीज लाभान्वित हुए हैं।स्थानीय लोगों ने बताया कि आज के समय में ऐसा समर्पण और सेवा भावना मिलना दुर्लभ है।ज्योतिनगर में डॉ. विवेक का योगदान अब जनसेवा और मानवता की मिसाल बन चुका है।