
लखनऊ। आशियाना क्षेत्र स्थित स्मृति उपवन में चल रहे हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या बुधवार को यादगार बन गई। मंच पर उतरे नन्हें कलाकारों की उमंग, सुरों की मिठास और लोकनृत्य की लय ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। पूरे कार्यक्रम में पारंपरिक कला, संस्कृति और आधुनिक प्रस्तुतियों का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने माहौल को उत्सव में बदल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एमएलसी व भाजपा लखनऊ महानगर के पूर्व अध्यक्ष मुकेश शर्मा, अतिविशिष्ट अतिथि दुर्गेश सिंह ‘दीपू’ प्रदेश अध्यक्ष, श्री राजपूत करणी सेना और विशिष्ट अतिथि समाजसेवी रोहित श्रीवास्तव, गंगाराम अंबेडकर, रणवीर सिंह, अमित अवस्थी, सर्वेश सिंह समेत आयोजक मंडल के अरुण प्रताप सिंह, गुंजन वर्मा, रनवीर सिंह और हेमू चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

नन्हें सितारों की चमक हर दिल पर छा गई
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत हुई अंकिता सिंह सूर्यवंशी की मधुर प्रस्तुति “अगर तुम मिल जाओ” से, जिसने श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।इसके बाद शुभम गौतम का दमदार लोकनृत्य “नमक इश्क का” और राखी शुक्ला, खुशबू चौहान, पार्थ श्रीवास्तव व अंशुमान मौर्य द्वारा प्रस्तुत “कजरा रे” ने मंच पर ऊर्जा भर दी।
भोजपुरी रंग से गुलजार हुआ मंच
सनातन संस्कार मंच की विशेष प्रस्तुति में रजनी तिवारी ने अपनी खनकती आवाज में “अमवा महुआ के…” और “आवा हो चंदा मामा” जैसे भोजपुरी गीतों से समां बांध दिया।इसी क्रम में अरोड़ा उपाध्याय और आकाशवाणी के कलाकार गिरिराज श्रीवास्तव ने मनमोहक गणेश वंदना से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डांस परफॉर्मेंस ने बढ़ाई धड़कनें
एसके डांस क्रिएशन के सूरज कनौजिया के निर्देशन में आर्य नंदिनी ने “मोहे रंग दे लाल” पर शानदार प्रस्तुति कर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।इसके बाद अंशिका गुप्ता, पार्थ तिवारी और शमा परवीन सहित अन्य कलाकारों ने लगातार थिरकती प्रस्तुतियों से उत्साह का माहौल बनाए रखा।

अंशिका गुप्ता और शानवी की जुगलबंदी डांस परफॉर्मेंस “जाने ना दे…” पर दर्शकों ने खूब सराहना की। वहीं “किस मी बेबी…” पर सूरज कनौजिया और आराध्या सिंह की एनर्जेटिक प्रस्तुति ने पूरा पंडाल झूमने पर मजबूर कर दिया।पूरे आयोजन में मोनालिसा, रोली जायसवाल, मनोज सिंह चौहान और रोली सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन प्रदीप शुक्ला और सह- संचालन विजय ने संभाला।