
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित परम वंदनीया माता जी एवं अखंड दीप के 100 गौरवशाली वर्ष समारोह में सहभागिता की। शांतिकुंज और अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने अखंड दीप की शताब्दी को साधना, त्याग, सेवा और युग निर्माण की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बताया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि साधना से प्रज्ज्वलित विचार कभी बुझते नहीं, बल्कि युगों को दिशा देते हैं। एक दीपक का सौ वर्षों तक लगातार प्रज्ज्वलित रहना तप, त्याग, अनुशासन और अटूट संकल्प की प्रेरक गाथा है। यह आने वाली पीढ़ियों को आत्मबोध, कर्तव्य और सेवा का मार्ग दिखाता रहेगा।
उन्होंने परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों और युग निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि नारी शक्ति सामाजिक परिवर्तन के साथ युग परिवर्तन की भी सशक्त वाहक है।

विधायक ने कहा कि आध्यात्मिक समानता से ही वास्तविक सामाजिक समरसता का रास्ता खुलता है। प्रत्येक व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति, आत्मविकास और समान अवसर मिलने से ही संवेदनशील और समरस समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने परम वंदनीया शैल बाला पंड्या के समर्पण और मार्गदर्शक भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज, अखिल विश्व गायत्री परिवार और देव संस्कृति विश्वविद्यालय आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. प्रणव पंड्या और डॉ. चिन्मय पंड्या के मार्गदर्शन में यह परंपरा आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, डॉ. प्रणव पंड्या, डॉ. चिन्मय पंड्या, स्वामी विज्ञानानंद, स्वामी सर्वलोकानंद, महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, तरुण विजय सहित देश-विदेश की कई हस्तियां मौजूद रहीं। हजारों श्रद्धालुओं ने समारोह में हिस्सा लिया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अखंड दीप की शताब्दी केवल अतीत की गौरवगाथा याद करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में सद्विचार, सेवा, नैतिकता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान देने का संकल्प भी है।