अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन

लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। रविवार को सात कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर उन्होंने अशोक सिंघल के स्मृति-चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का पूरा जीवन राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित रहा। त्याग, तपस्या, समर्पण और राष्ट्रसेवा उनके जीवन की प्रमुख विशेषताएं थीं। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जैसे विराट व्यक्तित्व वाले महापुरुष युगों में जन्म लेते हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने कार्यों और विचारों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन की आस्था, चेतना और सहभागिता से जोड़ने में उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम के प्रति अशोक सिंघल की अटूट आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व किसी एक संगठन या आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों के लिए निरंतर कार्य किया।

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी उनके विचारों, आदर्शों और राष्ट्रसेवा के संकल्प को स्मरण करने का अवसर है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया। उनकी राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक चेतना और समाज के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने अशोक सिंघल की पुण्य स्मृतियों को नमन करते हुए उनके योगदान के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।