लखनऊ। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में एक युवक को कथित तौर पर फोन पर गाली-गलौज कर जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने बर्खास्त सिपाही रोशन रजा और उसके साथी रामचन्द्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
बस स्टॉप पर पहुंचकर भी धमकाने का आरोप
गोपाल खेड़ा निवासी मनीष सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 13 अगस्त की शाम बर्खास्त सिपाही रोशन रजा ने उन्हें फोन किया। आरोप है कि रोशन उस समय शराब के नशे में था और फोन पर गाली-गलौज करने लगा। मनीष के मुताबिक वह उस समय बस स्टॉप पर कुछ लोगों के साथ मौजूद थे। विवाद बढ़ने से बचने के लिए उन्होंने फोन काट दिया।
पीड़ित का आरोप है कि इसके कुछ देर बाद रोशन रजा खुद बस स्टॉप पर पहुंच गया और उन्हें जान से मारने तथा फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करते हुए उसे समझाया, जिसके बाद वह वहां से चला गया।
15 अगस्त को फिर किया फोन
मनीष के मुताबिक 15 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे रोशन ने अपने साथी रामचन्द्र के मोबाइल फोन से दोबारा कॉल की। आरोप है कि रोशन ने फोन पर फिर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद रामचन्द्र ने फोन अपने हाथ में ले लिया और कथित तौर पर धमकाते हुए कहा कि मारकर इंदिरा नहर में फेंकवा दूंगा।
वर्दी पहनकर घूमने का भी आरोप
पीड़ित ने तहरीर में आरोप लगाया है कि बर्खास्त होने के बावजूद रोशन रजा पुलिस की वर्दी पहनकर घूमता है और लोगों को धमकाकर रौब गांठता है। मनीष ने यह भी आरोप लगाया है कि रोशन पहले कई बार जेल जा चुका है। तहरीर के मुताबिक रोशन और रामचन्द्र आपस में साथी हैं और अक्सर साथ घूमते हैं। रोशन खुद को एक पूर्व मंत्री का करीबी बताता है, ऐसा भी पीड़ित ने पुलिस को बताया है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मोहनलालगंज पुलिस ने मनीष सिंह की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।