दुबई से आए यात्री का सोना उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, दो गिरफ्तार

राजस्थान, पंजाब और यूपी तक फैला नेटवर्क, दुबई में फंसे भारतीयों को टिकट और पैसों का लालच देकर बनाते थे कैरियर, दो आरोपी गिरफ्तार, कई फरार

लखनऊ। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह (अमौसी) एयरपोर्ट से जुड़ा एक चौंकाने वाला गोल्ड स्मगलिंग और चोरी का मामला सामने आया है। सरोजनीनगर पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दुबई समेत खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को भारत भेजने के नाम पर अपने जाल में फंसाता था। उन्हें मुफ्त टिकट, खरीदारी और नकदी का लालच देकर सोने की तस्करी कराई जाती थी। लेकिन इस बार गिरोह के सदस्यों ने अपने ही नेटवर्क से भारत पहुंचे व्यक्ति को रास्ते में कार में बैठाकर उसका सोना, पासपोर्ट और सामान ही चोरी कर लिया।

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए सोने के कैप्सूल बरामद कर लिए हैं, जबकि गिरोह के कई सदस्य अभी भी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला हुआ है और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

ऐसे हुई वारदात

पुलिस के मुताबिक, बलिया निवासी महबूब आलम 27 जुलाई को दुबई से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही दीपक वर्मा, राम प्रताप दुबे, अर्शदीप और उनके साथियों ने उन्हें अपनी ब्रेजा कार में बैठा लिया। काफी देर तक शहर में घुमाने के बाद आलमबाग बस अड्डे के पास उतार दिया। आरोप है कि इस दौरान ट्रॉली बैग में रखा सोने का कैप्सूल, पासपोर्ट, कपड़े और अन्य सामान चोरी कर आरोपी फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर 3 अगस्त को सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

100 से ज्यादा CCTV कैमरों से खुला राज

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी दक्षिणी के निर्देशन में सर्विलांस समेत चार पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने एयरपोर्ट से लेकर शहर के विभिन्न मार्गों पर लगे 100 से 130 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने दीपक वर्मा और राम प्रताप दुबे को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका संगठित गिरोह राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में सक्रिय है। गिरोह के सदस्य दुबई और अन्य खाड़ी देशों में ऐसे भारतीयों की तलाश करते हैं, जो किसी कारणवश तत्काल भारत लौटना चाहते हैं। उन्हें खरीदारी, नकदी और हवाई टिकट का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल किया जाता है।

इसके बाद सोने को बुरादे के रूप में तैयार कर विशेष कैप्सूल में पैक किया जाता है और शरीर के भीतर छिपाकर भारत भेजा जाता है। एयरपोर्ट के बाहर पहले से मौजूद गिरोह के सदस्य कैरियर से सोना लेकर आगे अपने नेटवर्क तक पहुंचाते हैं।

लालच में अपने ही नेटवर्क से कर ली चोरी

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें राजस्थान में बैठे गिरोह के संचालकों ने लखनऊ एयरपोर्ट से सोना लेकर आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन ज्यादा मुनाफे के लालच में उन्होंने अपने ही नेटवर्क के व्यक्ति को धोखे से कार में बैठाकर उसका सोना चोरी कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए गलती मानने की बात भी कही।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितनी बार इसी तरीके से सोने की तस्करी कराई और देश के किन-किन एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया।