लखनऊ। जनगणना प्रशिक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी व नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-4 स्थित मॉडर्न अकैडमी, विराम खंड-5 का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का जायजा लिया और मौजूद प्रगणकों व सुपरवाइजर्स का उत्साहवर्धन किया। साथ ही प्रशिक्षण में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विशेषकर भोजन और पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 21 अप्रैल 2026 से शुरू हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने या कार्य से इनकार करने वाले कर्मियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा-11 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस प्रावधान के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
नगर निगम के विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जोन-3 (केंद्रीय विद्यालय, सेक्टर-जे अलीगंज), जोन-4 (मॉडर्न अकैडमी, विराम खंड-5 व लखनऊ पब्लिक स्कूल, विराट खंड-4), जोन-5 (इंडिया लिटरेसी बोर्ड, मानस नगर), जोन-7 (इरम पब्लिक कॉलेज व सेंट डोमिनिक सेवियो कॉलेज, इंदिरा नगर) और जोन-8 (जीडी गोयनका स्कूल, सुशांत गोल्फ सिटी) शामिल हैं।

प्रशासन के मुताबिक प्रशिक्षण में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ऐसे में अनुपस्थिति का कोई ठोस कारण ही स्वीकार्य होगा। गैरहाजिर कर्मियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन और आगे एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
24 अप्रैल को प्रशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कर्मियों की अनुपस्थिति भी सामने आई। जोन-3 में 248, जोन-4 में 156, जोन-5 में 24, जोन-7 में 82 और जोन-8 में 55 प्रगणक व सुपरवाइजर गैरहाजिर पाए गए, जिस पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

