लखनऊ से गौरव शुक्ला की रिपोर्ट ।
सरोजनी नगर स्थित गीता आश्रम में शुक्रवार को डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र द्वारा विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 30 बच्चों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 15 बच्चों में शरीर से संबंधित विकृतियों के संकेत मिले, जबकि 23 बच्चों में बोलने और सुनने से जुड़ी दिक्कतें दर्ज की गईं।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों के बीच फ्लैट फूट, नॉक नी, रीढ़ की असामान्य स्थिति, किफोसिस जैसी समस्याओं की पहचान पर जानकारी दी।
ऑडियोलॉजी एवं स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी विभाग की टीम ने बच्चों की स्पीच और हियरिंग क्षमताओं का विस्तृत परीक्षण किया और प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की।

परीक्षण में शामिल चिकित्सकों और सहायक आचार्यों ने बच्चों की रीढ़, घुटनों, पैरों और सुनने की क्षमता से संबंधित विकृतियों का आंकलन करते हुए आगे की चिकित्सा और उपचार हेतु आवश्यक सलाह भी दी।शिविर में बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली उपयोगी आदतों के बारे में जागरूक भी किया गया।
यह पहल विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह के निर्देशन में आयोजित हुई। कार्यक्रम में कुलसचिव रोहित सिंह, अधिष्ठाता प्रो. वी.के. सिंह, डॉ. रणजीत कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संत प्रकाश गौतम और डॉ. कुमार पाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।इसके साथ ही गीता आश्रम के प्रबंधक, शिक्षक और पदाधिकारी भी शिविर में शामिल रहे।