हस्तशिल्प महोत्सव में ‘मातृ सम्मान विशेष’ की चमक नृत्य–संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बाँधा समां

लखनऊ।  आशियाना के स्मृति उपवन में चल रहे हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर रविवार की संध्या ‘मातृ सम्मान विशेष’ कार्यक्रम के नाम रही। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र (मटियारी), विधायक परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, एडवोकेट मनीष सिंह मनु, ओपी सिंह (प्रबंधक, गुरुकुल एकेडमी) और आयोजक मंडल के अरुण प्रताप सिंह, गुंजन वर्मा, रनवीर सिंह और हेमू चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संचालन स्तुतिनृत्यम फाउंडेशन और विश्वमंगल्य सभा के संयुक्त तत्वाधान में हुआ, जहाँ नृत्य और संगीत की बहार ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिभा सोनकर को कार्यक्रम की विनर घोषित किया गया।

नन्हे कलाकारों—कृषा, प्रिशा, समृद्धि और चमता भाटिया—ने सरस्वतिहार्म के मनीष ठाकुर के निर्देशन में रंगारंग नृत्य प्रस्तुत कर तालियाँ बटोरीं।इसके बाद स्विंग विदिन फ्लो समूह की शास्विका, त्रिशा, शोना भार्गव और आमायरा ने भावपूर्ण नृत्य से मंच को सजीव किया।

हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव में नृत्य प्रस्तुति का दृश्य

डी डांस अकादमी ने निर्देशक विकास शर्मा के निर्देशन में ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ दीं। हिमांशु, प्रथम्, यशमित और एंजल की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को खूब प्रभावित किया।अपराजिता नृत्य एवं कला केंद्र की अपराजिता मुखर्जी ने अपनी कला से संध्या की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम के अंत में मंजू श्रीवास्तव के धुन बंजारा समूह ने लोकनृत्यों की मनोहारी श्रृंखला प्रस्तुत की। कलाकार मनीष त्रिपाठी, रिया सिंह, सुमित सिंह, शेखर श्रीवास्तव, वर्षा मिश्रा, ऋचा, वीरेंद्र यादव और शशि कुशवाहा ने पंजाबी, सिंधी, ब्रज और बुंदेली लोकधुनों से माहौल को रंगीन कर दिया।

महोत्सव समिति के मोनालिसा, रोली जयसवाल, मनोज सिंह चौहान, विवेक सिंह और रोली सिंह चौहान की भी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का संयमित और प्रभावी संचालन प्रदीप शुक्ला ने किया।