लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अफसरों की लापरवाही खुलकर सामने आई। एडीएम (नगर पूर्वी) उमेश चंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में कई विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिससे दूर-दराज से पहुंचे फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
समदा निवासी शंभू ने बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि उनका बिजली कनेक्शन 31 दिसंबर 2024 को पीडी कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने पत्नी रंजीता के नाम नया कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मनगढ़ंत बकाया दिखाकर कनेक्शन देने से इनकार कर दिया। शंभू का आरोप है कि जिस कटिया कनेक्शन का बकाया बताया जा रहा है, उसका कोई सबूत विभाग नहीं दे पा रहा। कनेक्शन न मिलने से परिवार को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सहिजनपुर निवासी विद्यावती ने आरोप लगाया कि उनके पैतृक भूखंड (खसरा संख्या 440 व 441) पर कब्जा जमाने के लिए भू-माफियाओं ने 60 साल पुराने पेड़ों को कटवा दिया। उन्होंने बताया कि जमीन पर उनके माता-पिता की पक्की समाधि और करीब 25 पेड़ थे, जिन्हें सराय शहजादी निवासी आशीष रावत, कटी बगिया निवासी रंजीत कुमार और गोमतीनगर निवासी पवन अग्रवाल ने काट दिया। विद्यावती ने लगभग ढाई लाख रुपये की क्षति का मुआवजा दिलाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं सहिजनपुर के मदनलाल ने ग्राम प्रधान पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधान जांच के बाद भी धान की फसल हटाने के आदेशों की अवहेलना कर रहा है और अब उसी जमीन पर गेहूं की बोवाई कर दी है, जिससे राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है।

संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 73 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से दो का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। एडीएम ने बाकी शिकायतों पर संबंधित विभागों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।