लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) ने किसानों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को सात सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों पर ठोस निर्णय जल्द नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष राज कुमार ने ज्ञापन में कहा कि देशभर का किसान लंबे समय से विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा है। मजबूर होकर किसानों को राष्ट्र के सर्वोच्च पद तक अपनी आवाज पहुंचानी पड़ रही है।ज्ञापन में शामिल एमएसपी पर कानूनी दर्जा, किसानों का बकाया बिजली बिल एवं दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए,शिक्षा व चिकित्सा को भारत में निशुल्क किया जाए ,ग्रामीण किसानों का कर्ज माफ किया जाए,सम्पूर्ण भारत में अनाज की लदान/उताराई के लिए डिजिटल वजन व्यवस्था लागू की जाए,कृषि उपकरणों पर टैक्स समाप्त कर किसानों को राहत दी जाए,किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लिया जाए और किसानों पर लाठीचार्ज की घटनाओं की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।राज कुमार ने कहा कि किसानों की उपरोक्त सभी मांगें पूरी तरह किसानों के जीवन व भविष्य से जुड़ी हैं। सरकार को इन्हें गंभीरता से लेते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए, ताकि किसानों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हो सके।