लखनऊ। हौसलों को उड़ान मिले तो गांव की गलियों से निकलकर बेटियां भी कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचती हैं। निगोहां क्षेत्र के पुरहिया गांव की बेटी शांभवी दीक्षित ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर ऐसा ही गौरव हासिल किया है। BBAU लखनऊ में समाजशास्त्र विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शनिवार को शांभवी को वर्ष 2026 का गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। बेटी की इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं, पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर है।
पुरहिया गांव निवासी शांभवी दीक्षित के पिता पंकज दीक्षित “अरविंद” हैं, जबकि माता रीता दीक्षित गृहिणी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली शांभवी ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर पढ़ाई में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।

इसके बाद शांभवी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (BBAU), लखनऊ में समाजशास्त्र विषय से पढ़ाई की। विभाग में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के चलते उन्हें वर्ष 2026 के गोल्ड मेडल के लिए चयनित किया गया। शनिवार को विश्वविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में शांभवी को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बेटी को गोल्ड मेडल मिलने पर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार के लोगों ने इसे शांभवी की मेहनत और वर्षों की लगन का परिणाम बताया। वहीं, गांव में भी शांभवी की उपलब्धि की चर्चा रही और लोगों ने उन्हें बधाई दी।
ग्रामीणों का कहना है कि शांभवी ने अपनी सफलता से पुरहिया गांव ही नहीं, पूरे निगोहां क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। शांभवी ने साबित कर दिया कि लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति अपनी मंजिल जरूर हासिल कर सकता है।