लखनऊ। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक कुमार के० मीणा द्वारा शुक्रवार को पेयजल एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा की गई। इस क्रम में उन्होंने लखनऊ जनपद के विकास खण्ड गोसाईगंज स्थित ग्राम पंचायत चांद सराय का भ्रमण कर जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने ग्राम प्रधान एवं ग्रामवासियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव, लाभ एवं जमीनी स्थिति की जानकारी प्राप्त की। जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में ऑटोमेशन, सेंसर तकनीक एवं सौर ऊर्जा के प्रयोग की जानकारी ली गई, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
समीक्षा बैठक में पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित परीक्षणों एवं उनके परिणामों की जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा विकसित पोर्टल jjm.up.gov.in पर उपलब्ध पेयजल से संबंधित समस्त आंकड़ों एवं गुणवत्ता रिपोर्ट को भारत सरकार के जेजेएम विलेज डैशबोर्ड एवं डीडब्ल्यूएसएम डैशबोर्ड से एकीकृत करने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीण अपने गांव से जुड़ी पेयजल योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और सुझाव दे सकें।
सचिव ने जिलाधिकारियों के माध्यम से डीडब्ल्यूएसएम की बैठकों में पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़े डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों की क्रमवार समीक्षा कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, पेयजल योजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाली ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति को और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने के निर्देश भी दिए गए।