यूटा प्रांतीय अधिवेशन में बोले डिप्टी सीएम, शिक्षकों के योगदान को बताया समाज निर्माण की नींव

लखनऊ संवाददाता । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यालय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
रविवार को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम् ऑडिटोरियम में आयोजित यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय संसाधनों, सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में निजी और कॉन्वेंट स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यह बदलाव शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों का परिणाम है।
डिप्टी सीएम ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षक समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

सरकार की योजनाओं पर जोर
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, छात्रों के समग्र विकास और शिक्षकों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह संवेदनशील और तत्पर है।
अधिवेशन में शिक्षकों को मिला सम्मान
अधिवेशन में विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षकों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने डिप्टी सीएम का स्वागत किया और संगठन की गतिविधियों व शिक्षकों की समस्याओं पर प्रकाश डाला।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, शिक्षक विधायक डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जी.एस. धर्मेश, प्रशांत पोनिया, राजकुमार गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।