लखनऊ। सरोजनी नगर क्षेत्र में गुरुवार को लखनऊ एयरपोर्ट के नजदीक जमीन अधिग्रहण को लेकर उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब अडानी ग्रुप के अधिकारियों और स्थानीय किसानों के बीच तीखी झड़प हो गई। मामला एयरपोर्ट वीआईपी तिराहे के पास हिंदुस्तान पेट्रोलियम के नए पेट्रोल पंप से सटी खाली जमीन का है, जहां बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई का किसानों ने विरोध किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार को अडानी ग्रुप के अधिकारी जेसीबी मशीन और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन की खुदाई शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलते ही चिल्लावां गांव के किसान बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए और काम रोकने की मांग करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक के बाद हाथापाई की स्थिति बन गई।

स्थिति तनावपूर्ण होने पर किसानों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल खुदाई का काम रुकवाया। जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे मोहम्मद तौफीक और बुजुर्ग महिला हफीजुल निशा का कहना है कि खसरा संख्या 839, रकबा करीब 27 बिस्वा जमीन उनकी पुश्तैनी संपत्ति है, जो उनके परिवार के कई सदस्यों के नाम दर्ज है। उनका दावा है कि संबंधित जमीन की खतौनी उनके पास मौजूद है।
किसानों का आरोप है कि अडानी पक्ष बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक उनकी जमीन पर पहुंचा और जेसीबी से जबरन खुदाई शुरू कर दी। विरोध करने पर उन्हें हटाने का प्रयास किया गया। किसानों का यह भी कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में अडानी पक्ष जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

आरोप है कि पुलिस के लौटते ही दोबारा खुदाई शुरू कर दी गई, जिससे दिनभर इलाके में तनाव बना रहा। पीड़ितों के अनुसार यह स्थिति दिन में चार बार बनी और हर बार डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने काम पूरी तरह से रुकवा दिया है, लेकिन मौके पर दोनों पक्ष मौजूद हैं और स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।